Hukamnama Sri Darbar Sahib Sri Amritsar Ang 626, Date 10-02-26

 Amrit vele da 

Hukamnama Sri Darbar Sahib Sri Amritsar Ang 626, Date 10-02-26

🙏



🙏

ਸੋਰਠਿ ਮਹਲਾ ੫ ॥ 

ਤਾਪੁ ਗਵਾਇਆ ਗੁਰਿ ਪੂਰੇ ॥ ਵਾਜੇ ਅਨਹਦ ਤੂਰੇ ॥ ਸਰਬ ਕਲਿਆਣ ਪ੍ਰਭਿ ਕੀਨੇ ॥ ਕਰਿ ਕਿਰਪਾ ਆਪਿ ਦੀਨੇ ॥੧॥

 ਬੇਦਨ ਸਤਿਗੁਰਿ ਆਪਿ ਗਵਾਈ ॥ ਸਿਖ ਸੰਤ ਸਭਿ ਸਰਸੇ ਹੋਏ ਹਰਿ ਹਰਿ ਨਾਮੁ ਧਿਆਈ ॥ ਰਹਾਉ ॥ 

ਜੋ ਮੰਗਹਿ ਸੋ ਲੇਵਹਿ ॥ ਪ੍ਰਭ ਅਪਣਿਆ ਸੰਤਾ ਦੇਵਹਿ ॥ ਹਰਿ ਗੋਵਿਦੁ ਪ੍ਰਭਿ ਰਾਖਿਆ ॥ ਜਨ ਨਾਨਕ ਸਾਚੁ ਸੁਭਾਖਿਆ ॥੨॥੬॥੭੦॥

🙏🙏

ਅਰਥ:

 ਪੂਰੇ ਗੁਰੂ ਨੇ (ਹਰਿ-ਨਾਮ ਦੀ ਦਵਾਈ ਦੇ ਕੇ ਜਿਸ ਮਨੁੱਖ ਦੇ ਅੰਦਰੋਂ) ਤਾਪ ਦੂਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ, (ਉਸ ਦੇ ਅੰਦਰ ਆਤਮਕ ਆਨੰਦ ਦੇ, ਮਾਨੋ) ਇਕ-ਰਸ ਵਾਜੇ ਵੱਜਣ ਲੱਗ ਪਏ। ਪ੍ਰਭੂ ਨੇ ਸਾਰੇ ਸੁਖ ਆਨੰਦ ਆਨੰਦ ਬਖ਼ਸ਼ ਦਿੱਤੇ। ਉਸ ਨੇ ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਆਪ ਹੀ ਇਹ ਸੁਖ ਬਖ਼ਸ਼ ਦਿੱਤੇ ॥੧॥

 ਹੇ ਭਾਈ! (ਜਿਸ ਨੇ ਭੀ ਪਰਮਾਤਮਾ ਦਾ ਨਾਮ ਸਿਮਰਿਆ) ਗੁਰੂ ਨੇ ਆਪ (ਉਸ ਦੀ ਹਰੇਕ) ਪੀੜਾ ਦੂਰ ਕਰ ਦਿੱਤੀ। ਸਾਰੇ ਸਿੱਖ ਸੰਤ ਪਰਮਾਤਮਾ ਦਾ ਨਾਮ ਸਿਮਰ ਸਿਮਰ ਕੇ ਆਨੰਦ-ਭਰਪੂਰ ਹੋਏ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ॥ ਰਹਾਉ॥ 

ਹੇ ਪ੍ਰਭੂ! (ਤੇਰੇ ਦਰ ਤੋਂ ਤੇਰੇ ਸੰਤ ਜਨ) ਜੋ ਕੁਝ ਮੰਗਦੇ ਹਨ, ਉਹ ਹਾਸਲ ਕਰ ਲੈਂਦੇ ਹਨ। ਤੂੰ ਆਪਣੇ ਸੰਤਾਂ ਨੂੰ (ਆਪ ਸਭ ਕੁਝ) ਦੇਂਦਾ ਹੈਂ। (ਹੇ ਭਾਈ! ਬਾਲਕ) ਹਰਿ ਗੋਬਿੰਦ ਨੂੰ (ਭੀ) ਪ੍ਰਭੂ ਨੇ (ਆਪ) ਬਚਾਇਆ ਹੈ (ਕਿਸੇ ਦੇਵੀ ਆਦਿਕ ਨੇ ਨਹੀਂ) ਦਾਸ ਨਾਨਕ ਸਦਾ-ਥਿਰ ਰਹਿਣ ਵਾਲੇ ਪ੍ਰਭੂ ਦਾ ਨਾਮ ਹੀ ਉਚਾਰਦਾ ਹੈ ॥੨॥੬॥੭੦॥

🙏🙏

सोरठि महला ५ ॥ 

तापु गवाइआ गुरि पूरे ॥ वाजे अनहद तूरे ॥ सरब कलिआण प्रभि कीने ॥ करि किरपा आपि दीने ॥१॥

 बेदन सतिगुरि आपि गवाई ॥ सिख संत सभि सरसे होए हरि हरि नामु धिआई ॥ रहाउ ॥ जो मंगहि सो लेवहि ॥ प्रभ अपणिआ संता देवहि ॥ हरि गोविदु प्रभि राखिआ ॥ जन नानक साचु सुभाखिआ ॥२॥६॥७०॥

🙏🙏

अर्थ :-

 पूरे गुरु ने (हरि-नाम की दवाई दे के जिस मनुख के अंदर से) ताप दूर कर दिया, (उस के अंदर आत्मिक आनंद के, मानो) एक-रस बाजे बजने लग गए। भगवान ने कृपा कर के आप ही वह सारे सुख आनंद बख्श दिये।१। 

हे भाई ! सारे सिक्ख संत परमात्मा का नाम सिमर सिमर के आनंद-भरपूर हुए रहते हैं। (जिस ने भी परमात्मा का नाम सुमिरा) गुरु ने आप (उस की हरेक) पीड़ा दूर कर दी ।रहाउ। 

हे भगवान! (तेरे दर से तेरे संत जन) जो कुछ माँगते हैं, वह हासिल कर लेते हैं। तूं आपने संतो को (आप सब कुछ) देता हैं। (हे भाई! बालक) हरि गोबिंद को (भी) भगवान ने (आप) बचाया है (किसी देवी आदि ने नहीं) हे दास नानक ! (बोल-) मैं तो सदा-थिर रहने वाले भगवान का नाम ही उचारता हूँ।२।६।७०।

🙏🙏

Meaning:

Sorath, Fifth Mehl: The Perfect Guru has dispelled the fever. The unstruck melody of the sound current resounds. God has bestowed all comforts. In His Mercy, He Himself has given them. ||1|| 

The True Guru Himself has eradicated the disease. All the Sikhs and Saints are filled with joy, meditating on the Name of the Lord, Har, Har. ||Pause|| 

They obtain that which they ask for. God gives to His Saints. God saved Hargobind. Servant Nanak speaks the Truth. ||2||6||70||

🙏🙏

🙏🙏🙏

लबाना जागृति सन्देश यूट्यूब चैनल देखने के लिये नीचे किल्क करें  👇

https://youtube.com/@labanajagrtisandeshajmer228?si=DV8ougFj9LacvAKN

टी.वी. में यूट्यूब पर LABANA  JAGRATI SANDESH  चैनल को सर्च कर देख सकते हैं।

नोट: चैनल को लाइक ff सबक्राइब नहीं किया है तो अवश्य कर लें...  🙏🙏🙏🙏🙏🙏

🙏

🙏🙏

🙏🙏🙏

सन्त बाबा सीतलसिंह जी (महू वालों)  एवं सन्त बाबा हिम्मत सिंह साहिब दरबार के वर्तमान महन्त सन्त बाबा सुखदेव सिंह जी की कृपा आर्शीवाद  सदके यह सेवा दास कर पा रहा है
🙏

🙏

गद्दीनशीन महन्त सन्त बाबा सुखदेव सिंह साहिब जी  

सम्पर्क: 

महन्त सन्त सुखदेव सिंह जी 

सम्पर्क करें 👇 

मो. 9818126912



====/////=====

लबाना जागृति सन्देश 
सन्त सीतल सिंह जी (महू वालों) के आर्शीवाद से स्थापित एवं महन्त सन्त बाबा सुखदेव सिंह जी के आर्शीवाद से संचालित:
लबाना सिख समाज का अग्रणी पाक्षिक समाचार पत्र 
सम्पादक: 
जी. एल. लबाना 
9414007822
🙏🙏

 सिख समाज के  समाचारों से जुड़ने के लिये
 9414007822
 को सेव करें और अपना नाम, पता, जाति, निवास स्थान,  अपना वाटस्अप मोबाइल नम्बर लिख कर भेजें। 

🙏🙏

स्वजातीय लबाना सिख समाज के रिश्ते नाते जानने के लिये नीचे क्लिक कीजिए 

https://www.dailymaruprahar.page/2024/05/blog-post_27.html

सम्पादक का पता : 

प्लाट नम्बर 2, पत्रकार कालोनी कोटडा, 

अजमेर (राजस्था) 

सम्पर्क :  ई-मेल: 

bunty3555@yahoo.com

मो./वाट्सअप/फोन-पे:  9414007822

अर्जेन्ट : मो. - 9587670300 🙏
अधिक समाचार पढ़ने के लिए 👇

 किल्क करें 👇 

https://www.dailymaruprahar.page/?m 

अपने विचार नीचे कमेंट्स बाक्स में दें l




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सरदार निरंजन सिंह छोहित सचखण्ड सिधारे:

डॉक्टर इन्द्रजीत सिंह की माता सरदारनी नानकी कौर सचखण्ड सिधारी: अन्तिम संस्कार गुरुवार 22 जनवरी को

माता गोपी बाई के निमत तीसरे की रस्म 30 नम्बर को, अन्तिम अरदास 9 दिसम्बर को