जतोई दरबार में कीर्तनमयी सुखमनी साहिब का पाठ एवं "बाबा बोलते ते कहां गये देहि के संग रहते...." गुरुबाणी शब्द कीर्तन, के साथ साहिबराय इदनानी की पुन्य तिथी सम्पन्न

 जतोई दरबार में कीर्तनमयी सुखमनी साहिब का पाठ एवं "बाबा बोलते ते कहां गये देहि के संग रहते...." गुरुबाणी शब्द कीर्तन, के साथ साहिबराय इदनानी की पुन्य तिथी सम्पन्न 


उक्त चित्र में ज्ञानी सविन्दर सिंह जी पाट साहिब की समाप्ति करते 👆



उक्त चित्र में  सम्पादक जी एष लबाना के साथ दरबार के प्रमुख सेवक फतन देस जी, ट्रस्टी मोहन कुमार इदनानी व प्रकाश जेठरा 👆


उक्त चित्र में  गुरु साहिब जी  पर रुमाले पेश 
करती संगत 👆


उक्त चित्र में गुरुबाणी शब्द कीर्तन करते हुए ज्ञानी जसविन्दर सिंह जी 👆

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जतोई दरबार में कीर्तनमयी सुखमनी साहिब का पाठ एवं "बाबा बोलते ते कहां गये देहि के संग रहते...." गुरुबाणी शब्द कीर्तन, के साथ 
साहिबराय इदनानी की पुन्य तिथी सम्पन्न 
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अजमेर ।  (मरु प्रहार संवाददाता)। जतोई दरबार, नगीना बाग अजमेर में सचखण्ड वासी  साहिबराय इदनानी जी की 40वीं पुन्य तिथि के अवसर पर गुरूद्वारा श्री गुरु नानक सभा, गुरु नानक गंज अजमेर के हजूरी रागी भाई जसविन्दर सिंह जी ने समूह साधसंगत के साथ  कीर्तनमयी श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया उपरान्त सहज पाठ साहिब की समाप्ति कर  "बीत जेहै बीत जेहै जनमु अकाजु रे...." ।,"""बाबा बोलते ते कहां गये  देहि के संग रहते...."। आदि गुरुबाणी शब्द कीर्तन के साथ संगत को निहाल करते स्वर्गवासी साहिबराय इदनानी  को श्रध्दासुमन अर्पित किये। 

जतोई दरबार के शिरोमणी सन्त दांदूराम साहिब सेवा ट्र्स्ट के 40 वर्ष पूर्व  ट्रस्ट के सेवा भावी ट्रस्टी सदस्य  सचखण्ड वासी साहिबराय इदनानी की 40वीं पुन्य तिथि पर इनके दिल्ली निवासी सुपुत्र एवं दांदूराम साहिब सेवा ट्रस्ट के वर्तमान ट्रस्टी  भाई मोहन कुमार इदनानी, कंचन धर्माणी, रेश्मा तंवर, नितिन इदनानी समेत समस्त इदनानी  परिवारजनों ने  सन्त शिरोमणी दांदूराम साहिब जी कृपा सदके  श्री गुरूग्रन्थ साहिब जी का ओट आसार लेकर उक्त गुरूबाणी शब्द कीर्तन समागम का आयोजन किया, गुरुबाणी शब्द कीर्तन की समाप्ति उपरान्त आन्नद साहिब का पाठ, आरती, अरदास की गई है।  अरदास के बाद ज्ञानी जसविन्दर सिंह ने हुकमनामा (वचन साहिब) "हमरी गणत न गणिया काई अपना बिरद समाल..." लेकर संगत को निहाल किया, अनेच श्रधूदालुओं ने श्री गुरु ग्रन्थ साहिब को रुमाला साहिब चढाए। उपरान्त गुरु अटूट  लंगर प्साद (भंडारा) वितरित किया गया। 

सन्त शिरोमणी सन्त दांदूराम सेवा ट्रस्ट के सेवा भावी ट्रस्टी  मोहन कुमार इदनानी ने  दरबार के सेवक भाई फतन दास जी के साथ  समागम में आई  संगत का सत्कार करते हुए सिरोपाऊ (पखर) आदि भेट किये। 

इस अवसर पर ट्रस्टी भाई मोहन कुमार इदनानी ने   सम्पादक  जी. एस.  लबाना से हुई संक्षिप्त वार्ता में कहा कि हम सिर्फ सेवादारी है, सेवा  करने कराने वाले तो आप सन्तजी गुरुमहाराज है उनकी इच्छा से ही ट्स्टी के  रूप में हमसे सेवा ले रहे है। 

समामग में भाई अजीत जी, झुलेलाल मन्दिर के अध्यक्ष प्रकाश जेठरा, स्वामी न्यूज के संचालक कंवलप्रकाश किशनानी, मोहन तुलसियानी, तुलसी सोनी, किशन तीर्थानी, हर्षुल थारवानी, चन्दर दतवानी, राहुल थारवामी, भारतीय सिन्धु सभा के राष्ट्रीय मंत्री महेन्द्र कुमार तीर्थाणी, आदि अनैक श्रध्दालु  मौजूद जिन्होने अरदास में शामिल होकर स्वर्गवासी साहिबराय इदनानी को श्रध्दासुमन अर्पित किये ।



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