लबाना समाज के चरणों में विनम्रता सहित विनती

  लबाना समाज के चरणों  में विनम्रता सहित विनती 🙏
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भाई  जसवंत सिंह v/c भाई हरनाम सिंह 
भाई हरनाम सिंह v/c भाई जसवंत सिंह 
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सत्कार योग भाई जसवन्त सिंह जी से एक बात पूछना चाहूँगा, इस लिये कि गुरूमर्यादा,  गुरुबाणी के ज्ञाता हैं ।
मैं पूछना चाहता हूं कि  अरदास में एक पंक्ति आती है "" देख  के अण डिठा किता ""  इस का किया मतलब/अर्थ  है ? 
2- मेँ मानता हूँ की भाई हरनाम सिंह जी ने गलती की होगी  । कोई  कितना भी बड़ा ज्ञानी  किऊ न हो, ऊँचे से ऊँचे पद आसीन हो  । आखिर है तो वो इंसान ही । गलती इन्सान से ही होती है। 
3- जब  भाई हरनाम सिंह जी ने  अपशब्द कहे थे । तो आपको सबसे पहले समाज के उन हस्तिओं को वीडियो ऑडियो दिखा कर न्याय की गुहार लगनी चहिये थी, समाज न्याय नहीं करता, तो आपको ये सब करना चाहिए था,  जो आप अब समाज से मामले को  सुलझाने के लिए गुहार लगा लगा रहे हो । अब समाज किया करेगा जब सब कुछ जग जाहिर हो गया । 
4-' भाई जसवन्त जी आप और  ज्ञानी  हरनाम सिंह जी हमारे समाज के अनमोल रतन हैं, आप दोनों को ही ये शोभा नहीं देता । अगर आप उक्त अरदास की पंक्ति का मनन करें तो बस बहुत हुआ । इस मसले को यहीं ख़त्म कर सोशल मीडिया पर   कुछ बोलना, टिपणी कारन बंद कर दें । किऊ कि  इससे सिर्फ और  सिर्फ बदनामी हमारे समाज की ही है ।  ये  आपको मेरी व्यक्तिगत राय है । 
5- रहा सवाल गुरुद्वारे के हिसाब किताब का । हर क्षेत्रीय  धर्म स्थल पर प्रबंधक कमेटियों के आपसी वैचारिक मतभेद होते ही हैं । उनका सुलटारा भी   क्षेत्रीय स्थल पर   क्षेत्रीय संगत को आपसी तालमेल से करना चाहिए,  न कि उसे सोशल मिडिया में वायर कर समाज की बदनामी की जाये।
6- हो सकता है मेरी राय आपको पसंद न आये ।  आप दोनों के समर्थक मुझे बुरा भला भी कहेगें । कहने वालों पर  कोई रोक टोक नहीं है ।  कहने वालों के लिए में कोई टिप्पणी भी नहीं करूंगा । लेकिन सच्चाई यही है की इससे हमरे समज को नुकसान ही पहुंचेगा । 
 7- दास ने " देख  के अण डिठा किता "" पंक्ति पर अमल  किया । जब जब भी घूम-फिर कर भाई जसवंत सिंह v/c भाई हरनाम सिंह, भाई  हरनाम सिंह v/c भाई जसवंत सिंह   के विडियो/ आडियो,   अपने - अपने पक्ष के ब्यान मेरे मोबाइल  में आये जहां जिस ग्रुप में दिखे दास ने उन्हें डिलीट कर दिया। उम्मीद करता हूं और विनम्रता  सहित विनती करता हूं कि समाज के  सभी प्रबुद्ध  सज्जन, मामले को सुलझाने, में योगदान करने के लिये किसी के भी आडियो/विडियो को फार्वड  नहीं करेंगे और, कोई टिप्पणी नहीं करेंगे,  आपके इस सहयोग से सोशल मीडिया पर चल रहे शीत युद्ध को सुलझाने में  आसानी होगी।  
🙏 
दास : जी. एस. लबाना 
9414007822 





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