Mukhwak Ang 956, Dt. 07-10-2026
Amrit wele da
Sachkhand Shri Harmandar Sahib Amritsar,
🙏
🙏
ਸਲੋਕ ਮਃ ੩ ॥
ਆਸਾ ਅੰਦਰਿ ਸਭੁ ਕੋ ਕੋਇ ਨਿਰਾਸਾ ਹੋਇ ॥ ਨਾਨਕ ਜੋ ਮਰਿ ਜੀਵਿਆ ਸਹਿਲਾ ਆਇਆ ਸੋਇ ॥੧॥ ਮਃ ੩ ॥ ਨਾ ਕਿਛੁ ਆਸਾ ਹਥਿ ਹੈ ਕੇਉ ਨਿਰਾਸਾ ਹੋਇ ॥ ਕਿਆ ਕਰੇ ਏਹ ਬਪੁੜੀ ਜਾਂ ਭੋੁਲਾਏ ਸੋਇ ॥੨॥
ਪਉੜੀ ॥ ਧ੍ਰਿਗੁ ਜੀਵਣੁ ਸੰਸਾਰ ਸਚੇ ਨਾਮ ਬਿਨੁ ॥ ਪ੍ਰਭੁ ਦਾਤਾ ਦਾਤਾਰ ਨਿਹਚਲੁ ਏਹੁ ਧਨੁ ॥ ਸਾਸਿ ਸਾਸਿ ਆਰਾਧੇ ਨਿਰਮਲੁ ਸੋਇ ਜਨੁ ॥ ਅੰਤਰਜਾਮੀ ਅਗਮੁ ਰਸਨਾ ਏਕੁ ਭਨੁ ॥ ਰਵਿ ਰਹਿਆ ਸਰਬਤਿ ਨਾਨਕੁ ਬਲਿ ਜਾਈ ॥੨੦॥
🙏🙏
ਅਰਥ:
ਹਰੇਕ ਜੀਵ ਆਸਾਂ ਵਿਚ (ਫਸਿਆ ਪਿਆ) ਹੈ (ਭਾਵ, ਨਿੱਤ ਨਵੀਆਂ ਆਸਾਂ ਬਣਾਂਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ) , ਕੋਈ ਵਿਰਲਾ ਮਨੁੱਖ ਹੈ ਜੋ ਆਸਾਂ ਤੋਂ ਬਚਿਆ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ। ਹੇ ਨਾਨਕ! ਜੋ ਮਨੁੱਖ ਆਸਾਂ ਵਲੋਂ ਹਟ ਕੇ (ਪ੍ਰਭੂ ਦੇ ਸਿਮਰਨ ਵਿਚ) ਜੀਵਨ ਗੁਜ਼ਾਰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਦਾ ਆਉਣਾ ਸਫਲ ਹੈ।1।
ਆਸਾ' ਦੇ ਹੱਥ ਵਿਚ ਕੋਈ ਤਾਕਤ ਨਹੀਂ (ਕਿ ਜੀਵਾਂ ਨੂੰ ਫਸਾ ਸਕੇ; ਸੋ, ਆਪਣੇ ਉੱਦਮ ਨਾਲ ਭੀ) ਮਨੁੱਖ 'ਆਸਾ' ਤੋਂ ਨਹੀਂ ਬਚ ਸਕਦਾ। ਇਹ ਵਿਚਾਰੀ 'ਆਸਾ' ਕੀਹ ਕਰ ਸਕਦੀ ਹੈ? ਭੁਲਾਉਂਦਾ ਤਾਂ ਉਹ ਪ੍ਰਭੂ ਆਪ ਹੈ।2।
🙏🙏
सलोक मः ३ ॥
आसा अंदरि सभु को कोइ निरासा होइ ॥ नानक जो मरि जीविआ सहिला आइआ सोइ ॥१॥ मः ३ ॥
ना किछु आसा हथि है केउ निरासा होइ ॥ किआ करे एह बपुड़ी जां भुोलाए सोइ ॥२॥
पउड़ी ॥ ध्रिगु जीवणु संसार सचे नाम बिनु ॥ प्रभु दाता दातार निहचलु एहु धनु ॥ सासि सासि आराधे निरमलु सोइ जनु ॥ अंतरजामी अगमु रसना एकु भनु ॥ रवि रहिआ सरबति नानकु बलि जाई ॥२०॥
🙏🙏
अर्थ:
हरेक जीव आशाओं में (फसा हुआ) है (भाव, नित्य-नई आशाएं तमन्नाएं बनाता रहता है), कोई विरला मनुष्य है जो आशाओं से बचा रहता है। हे नानक! जो मनुष्य आशाओं से हट के (प्रभु के स्मरण में) जीवन गुजारता है उसका आना सफल है।1।
‘आसा’ के हाथ में कोई ताकत नहीं (कि जीवों को फसा सके; सो, अपने उद्यम से भी) मनुष्य ‘आशा’ से नहीं बच सकता। ये बेचारी ‘आसा’ क्या कर सकती है? भुलाता तो वह प्रभु खुद है।2।
सदा कायम रहने वाले प्रभु का नाम स्मरण के बिना जगत में जीना धिक्कारयोग्य है। प्रभु ही (सबका) दाता है सब दातें देने वाला है; सो, उसका ये (नाम-) धन ही (ऐसा है जो) कभी नाश होने वाला नहीं। वही मनुष्य पवित्र (जीवन वाला) है जो (प्रभु को) हरेक सांस के साथ याद करता है। (हे भाई!) जीभ से उस एक प्रभु को याद कर जो सबके दिल की जानता है और जो (जीवों की) पहुँच से परे है। नानक उस प्रभु से सदके है जो सभी में व्यापक है।20।
🙏🙏
Eng. Meaning:
SHALOK, THIRD MEHL: Everyone is filled with hope; hardly anyone is free of hope. O Nanak, blessed is the birth of one, who remains dead while yet alive. || 1 ||
THIRD MEHL:
Nothing is in the hands of hope. How can one become free of hope? What can this poor being do? The Lord Himself creates confusion. || 2 ||
PAUREE: Cursed is the life in this world, without the True Name.
God is the Great Giver of givers. His wealth is permanent and unchanging.
That humble being is immaculate, who worships the Lord with each and every breath. With your tongue, vibrate the One Inaccessible Lord, the Inner-knower, the Searcher of hearts.
He is all-pervading everywhere. Nanak is a sacrifice to Him. || 20 ||
🙏🙏
लबाना जागृति सन्देश यूट्यूब देखने के लिये नीचे किल्क करें 👇
https://youtube.com/@labanajagrtisandeshajmer228?si=DV8ougFj9LacvAKN
🙏🙏
==अपनी सेवा आप कराई ==
सन्त बाबा सीतलसिंह जी महू वालों एवं महन्त सन्त बाबा सुखदेव सिंह जी की कृपा सदके आपनी सेवा आप कराई 🙏
🙏🙏🙏
ढेरा संत बाबा हिम्मत सिंह साहिब जी के वर्तमान
की
ओर से आप सभी साध संगत जी को
वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतह प्रवान हो 🙏
सम्पर्क:
महन्त सन्त सुखदेव सिंह जी
सम्पर्क करें 👇 मो.
====/////=====
=
🙏🙏
वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतह
सम्पर्क करें 👇
गोपाल सिंह लबाना
सम्पादक
लबाना जागृति सन्देश,
प्लाट नम्बर 2, पत्रकार कालोनी कोटडा,
अजमेर (राजस्था) सम्पर्क :
ई-मेल:
bunty3555@yahoo.com
मो./वाट्सअप/फोन-पे: 9414007822
अर्जेन्ट : मो. - 9587670300 🙏
अधिक समाचार पढ़ने के लिए 👇 किल्क करें 👇
https://www.dailymaruprahar.page/?m=1
👇 अपने विचार नीचे कमेंट्स बाक्स में दें 👇
(नोट आपके कमेंट्स प्रकाशित होने में थोडा समय लग सकता है।




टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
आदरणीयजी धन्यवाद 🙏