सन्त बाबा बिजय सिंह एवं सन्त बाबा ज्ञान सिंह साहिब की सालाना वर्सी अजमेर में 17, 18 व 19 अक्टूबर 2022 को मनाई जाएगी

  "आपि मुकत मुकतु करे संसारु  नानक तिसु जन कऊ  सदा नमस्कारु"

      डेरा सन्त बाबा हिम्मत सिंह साहिब दरबार: 

सन्त बाबा बिजय सिंह  एवं सन्त बाबा ज्ञान सिंह साहिब की सालाना वर्सी 

अजमेर में  17, 18 व 19 अक्टूबर 2022 को मनाई जाएगी 

अजमेर, 12 अक्टूबर 2022, ( जी. एस. लबाना)। 
डेरा संत बाबा हिम्मत सिंह साहिब दरबार के  पूजनीय महन्त सन्त बाबा बिजय सिंह साहिब  एवं सन्त बाबा ज्ञान सिंह साहिब की सालाना वर्सी अजमेर में 17, 18 व 19 अक्टूबर  2022 को मनाई जाएगी। 
डेरे के  वर्तमान महन्त सन्त बाबा सुखदेव सिंह जी ने  सम्पादक गोपाल सिंह लबाना को यह जानकारी देते हुए बताया कि सन्तों की  वर्सी के उपलक्ष्य में झूलेलाल कालोनी, सिन्धुवाडी अजमेर स्थित डेरा सन्त बाबा हिम्मत सिंह साहिब दरबार में सोमवार 17 अक्टूबर 2022 को सांय 6-00 बजे श्री अखण्ड पाठ साहिब आरम्भ करवाया जायेगा जिसकी समाप्ति बुधवार 19 अक्टूबर 2022 को सांय 6-00 बजे होगी, उपरान्त गुरुबाणी शब्द कीर्तन दीवान सजाया जायेगा जिसमें  पंथ के प्रसिद्ध रागी सिंह गुरुबाणी कीर्तन गायन कर संगत को निहाल करेगे।
17, 18 व 19 अक्टूबर  तीनो दिन सुबह शाम नियमानुसार होने वाला नितनेम  आसादीवार जारी रहेगा उपरान्त कीर्तन दरबार भी सजाया जायेगा। गुरु का लंगर अटूट बरतेगा। 
महन्त सन्त बाबा सुखदेव सिंह जी 

ने  समूह साध संगत के चरणों विनती है कि समयानुसार दर्शन देकर तन, मन न से सेवा करके सन्त महापुरुषों का आर्शीवाद प्राप्त कर अपने जीवन का लोक परलोक सुहेला करें।

अधिक जानकारी अथवा सेवा के  लिये 

महन्त सन्त बाबा सुखदेव सिंह जी साहिब से  9818126912 पर सम्पर्क किया जा सकता है। 
ज्ञात रहे कि डेरा सन्त बाबा हिम्मत सिंह साहिब दरबार की गद्दी सिन्ध पाकिस्तान के टन्डोजाम  से चलती आ रही है। भारत पाक बटवारे के समय तत्कालीन गद्दीनशीन महन्त  ने सबसे पहले अजमेर में  डेरा (दरबार) में स्थापित किया उसके बाद  दिल्ली मुम्बई आदि में  भी सन्त बाबा हिम्मत सिंह साहिब की दरबारें (डेरे) शोभायमान हैं।  वर्तमान गद्दीनशीन  महन्त सन्त बाबा सुखदेव सिंह जी की अगुवाई में  दिल्ली डेरे में महन्त  सन्त बाबा गुरमुख सिंह साहिब गुरमत विद्यालय चलता  है  जिसमें विभिन्न प्रान्तों के स्वजातीय लबाना सिख समाज के बचें गुरमत विद्या, गुरुबाणी शब्द कीर्तन, संगीत आदि की शिक्षा प्राप्त करते हैं, उनके रहने कपडे आदि की  व्यवस्था साध संगत के  सहयोग से डेरे से ही की जाती है। 
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सम्पर्क:  सम्पादक: 
जी. एस. लबाना  
9414007822 
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